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स्कीइंग करने या सीखने वालों के लिए एक अादर्श जगह है अाैली।

Posted by anvin404 on October 31, 2017
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धुंध के रूप में लिपटे बादल, ऊंचे ऊंचे आसमान छूते सफेद चमकीले पहाड़, बर्फ से ढकी चोटी, मीलों दूर तक जमी बर्फ की सफेद चादर, जहां नजर दौड़ाइए बर्फ की प्राकृतिक फिसलपट्टी, दिलकश नजारे देखने देश-विदेशाें से पर्यटक यहां अाते है। यह खूबसूरत जगह समुद्रतल से 2500 मीटर से लेकर 3050 मीटर की ऊंचाई तक 6 वर्ग किलोमीटर में फैला है। यह उत्तराखंड के सबसे ऊपरी भाग पर स्थित अाैर सबसे मशहूर पर्यटन स्थन अाैली है। उत्तराखंड भारत के उन राज्याें में से एक जाे अपने प्राकृतिक साैंदर्य अाैर पर्वताें के लिए पुरे देश भर में मशहूर है।

औली भारत का सबसे बड़ा स्कीइंग क्षेत्र है जहां जाकर आप भूल ही जाएंगे कि अाप भारत में है या स्विट्जरलैंड में। जिन लोगों ने कभी स्कीइंग करने या सीखने में अरमान संजो रखा हो, उनके लिए एक अादर्श जगह है अाैली। देश में गुलमर्ग (कश्मीर) और नारंकडा (हिमाचल प्रदेश) के बाद स्कीइंग का नवीनतम तथा विकसित केंद्र औली है, जहां लोग स्कीइंग करने का अपना अरमान पूरा कर सकते हैं।

बरसात के मौसम में हरे घास साथ ही पचासों किस्म के फूल भी खिल आते हैं, जिन्हें देखना और देखते रहना बहुत सुखद लगता है। ये ढलानें दिसंबर के मध्य से मार्च के मध्य तक सफेद कालीन जैसी बर्फ की मोटी परतों से ढकी रहती हैं। तब स्कीइंग करने वालों के समूह के कारण यहां का नजारा बहुत ही मोहक दिखता है। यह जगह ओक धार वाली ढलानों और सब्ज शंकुधारी जंगलों के लिए जानी जाती है। औली का इतिहास 8वीं शताब्दी में पाया जाता है।

मान्यताओं के अनुसार, गुरु आदि शंकराचार्य इस पवित्र स्थान पर आए थे। इस जगह को बुग्याल भी कहा जाता है जिसका स्थानीय भाषा में अर्थ है घास का मैदान। ओस की ढलानों पर चलते हुए पर्यटक नंदादेवी, मान पर्वत तथा कामत पर्वत शृंख्ला के अद्भुत नजारें देख सकते हैं। यात्री इन ढलानों से गुजरने पर सेब के बाग और हरेभरे देवदार के पेड़ देख सकते हैं। नंदा देवी के पीछे सूर्योदय देखना एक बहुत ही सुखद अनुभव है। औली में प्रकृति ने अपने सौन्दर्य को खुल कर बिखेरा है। बर्फ से ढकी चोटियों और ढलानों को देखकर मन प्रसन्न हो जाता है।

यहां पर कपास जैसी मुलायम बर्फ पड़ती है और पर्यटक खासकर बच्चे इस बर्फ में खूब खेलते हैं। यहां पर देवदार के वृक्ष बहुतायत में पाए जाते हैं। इनकी महक यहां की ठंडी और ताजी हवाओं में महसूस की जा सकती है। शहर की भागती-दौड़ती जिंदगी से दूर बर्फ गिरते महसूस करना, रात में खुले आकाश को देखना, स्कीइंग करना न करने वाले दोनों ही तरह के पर्यटक जिनमें हनीमून मनाने वाले युगल अच्छी-खासी संख्या में यहां आते हैं

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