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कालीन से सजाइए ड्राइंग रूम

Posted by anvin404 on January 14, 2018
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दरी व कालीन कमरे के फर्श पर बिछाने के लिए प्रयुक्त होते हैं। वर्गाकार कमरे में वर्गाकार कालीन ही बिछाना चाहिए। कालीन बहुत छोटा नहीं होना चाहिए। कालीन के आस पास जगह छोड़ देनी चाहिए। जगह छोड़ने के संबंध में कोई निश्चित नियम नहीं है। अपनी सुविधानुसार व कमरे के सौंदर्य के अनुसार जगह छोड़नी चाहिए।

दरी व कालीन के रंग की ओर ध्यान देना भी अति आवश्यक है। कालीन हर रंग में आते हैं। कालीन का रंग भी कमरे, फर्श व दीवारों के रंग के अनुकूल होना चाहिए। बैठक में जिस रंग की प्रधानता हो, उसी रंग के अनुरूप दरी व कालीन का रंग होना चाहिए।

यदि बैठक में मेज व कुर्सियां गहरे भूरे रंग की हैं तो मटमैले रंग का कालीन अच्छा रहेगा। सोने के कमरे में हल्के रंग का कालीन प्रयोग करना चाहिए। यदि कमरे में कुर्सियों की गद्दियां व गिलाफ सादे कपड़े के हों तो कालीन फूलदार डिजाइन का होना चाहिए। यदि गद्दियां व गिलाफ फूलदार हों तो कालीन सादा होना चाहिए।

कालीन अनेक प्रकार के होते हैं जैसे सूती, ऊनी, कश्मीरी और मुर्शिदाबादी कालीन। कालीन लेते समय मजबूती का ध्यान भी रखना चाहिए। कालीन की परख कालीन की घनी बुनाई को देखकर करनी चाहिए। कालीन के रोओं को देखकर भी पता चल जाता है कि कालीन कैसा है? अच्छे कालीनों में रोएं की लंबाई छोटी रखी जाती है।

कालीन व दरी की सफाई की ओर भी विशेष ध्यान रखना चाहिए। कालीन से बैठक कक्ष की सुंदरता बढ़ जाती है। अत: कालीन खरीदते समय कालीन की मजबूती, डिजाइन की ओर भी विशेष ध्यान देना चाहिए। कालीन ऐसा होना चाहिए जिसे देखकर लोग आपकी पसंद की तारीफ करते रह जाएं।

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